Breaking :
||नहीं रहे ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास, इलाज के दौरान तोड़ा दम||दुमका में मूर्ति विसर्जन के दौरान जय श्री राम के नारे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प||मुख्यमंत्री ने लातेहार के कार्यपालक अभियंता पर अभियोजन चलाने की दी स्वीकृति||1932 के खतियान आधारित स्थानीयता वाले विधेयक को राज्यपाल ने लौटाया, कहा- सरकार वैधानिकता की करे समीक्षा||भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने किया पतरातू गांव का दौरा, घटना की CID जांच की मांग||लातेहार: मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों में भिड़ंत, गांव पहुंचे विधायक और एसपी, माहौल तनावपूर्ण||ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री पर जानलेवा हमला, कार से उतरते ही ASI ने मारी गोली||मनिका: करोड़ों की लागत से हो रहे सड़क निर्माण में धांधली, बालू की जगह डस्ट से हो रही ढलाई||पड़ताल: गांव के दबंग ने ज़बरन रुकवाया PM आवास का निर्माण, 4 सालों से सरकारी बाबुओं के कार्यालय का चक्कर लगा रहा पीड़ित परिवार||लातेहार: बंद पड़े अभिजीत पावर प्लांट के सुरक्षा गार्ड की संदेहास्पद मौत, जांच जारी

Jharkhand Political Crisis: चुनाव आयोग की अधिसूचना का इंतजार, हेमंत सोरेन कभी भी मुख्यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की झारखंड विधानसभा की सदस्यता खान विभाग मंत्री के रूप में उनके नाम पर खनन पट्टा लेने के मामले में रद्द कर दी गयी है। मुख्यमंत्री का पद जाना तय है। अभी इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है।

चुनाव आयोग इस संबंध में किसी भी समय अधिसूचना जारी कर सकता है। राज्यपाल रमेश बैस ने हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने का फैसला किया है। अब मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ही हेमंत की सदस्यता रद्द करने की अधिसूचना जारी करेगा।

रांची की ताज़ा ख़बरों के लिए व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें

झारखंड विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की भारत निर्वाचन आयोग से अनुशंसा मिलने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजभवन में दिन भर मंथन करते रहे। राज्यपाल ने विचार मंथन के बाद सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया लेकिन आदेश जारी नहीं किया गया।

राज्यपाल के आदेश पर, भारत का चुनाव आयोग एक अधिसूचना जारी करेगा और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से झारखंड विधान सभा के अध्यक्ष को सूचित करेगा। राज्यपाल ने लाभ के पद के मामले में हेमंत की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया है।

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री द्वारा खनन मंत्री के रूप में रांची के अनगड़ा प्रखंड में खनन पट्टा लेने की राज्यपाल से शिकायत करते हुए झारखंड विधानसभा की हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग से राय मांगी थी। आयोग ने भाजपा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दलीलें सुनने के बाद राज्यपाल को सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की और मुख्यमंत्री को लाभ के पद का दोषी करार दिया।

राज्यपाल रमेश बैस ने लाभ के पद के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनाव लड़ने से घोषित करने का कोई निर्णय नहीं लिया है। कहा जाता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने भी इस संबंध में कोई सिफारिश नहीं की है। यानी वह दोबारा चुनाव लड़कर विधायक बन सकते हैं।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद वह किसे मुख्यमंत्री बनाएंगे। जब तक वह दोबारा विधायक नहीं बन जाते। यह भी देखने वाली बात होगी कि चुनाव आयोग इतनी जल्दी किसी खाली सीट पर चुनाव कराने को तैयार है या नहीं। भाजपा सांसद निशिकांत का दावा है कि मतदाता सूची तैयार करने का काम किया जाएगा, जिससे चुनाव आयोग छह महीने के भीतर चुनाव नहीं करा सकता।

वहीं दूसरी ओर जानकारी आ रही है कि हेमंत सोरेन ने भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। उन्हें भी अब चुनाव आयोग की अधिसूचना का इंतजार है। संभव है कि शनिवार शाम तक उन्हें भी इस अधिसूचना की जानकारी मिल जाए। तब विधानसभा अध्यक्ष औपचारिक रूप से उन्हें इस बारे में सूचित करेंगे। औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह इस्तीफा देंगे। उनके इस्तीफे के साथ ही नए सीएम के नाम का भी ऐलान हो सकता है।