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Sunday, February 25, 2024
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हेमंत सरकार तीन वर्ष पूरे होने पर सुखाड़ प्रभावित 22 जिलों के किसानों को देगी तोहफा, आवेदन शुरू

रांची : राज्य सरकार के तीन साल चंद दिनों में पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए विशेष पहल की जाएगी। कृषि मंत्री बादल ने आज संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सूखा राहत, कर्जमाफी व अन्य विषयों को लेकर जिलों के डीसी व अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की गयी।

प्रति किसान दिए जायेंगे 3500 रुपये

इस दौरान 22 जिलों के 226 प्रखंडों में सूखे की विकट स्थिति को देखते हुए किसानों को सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। सरकार की ओर से पीड़ित किसानों को राशन कार्ड पर प्रति व्यक्ति 3500 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए किसान नजदीकी प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से एक रुपये के टोकन के साथ आवेदन करेंगे। इसके अलावा उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। जहां सूखा नहीं है वहां किसानों को फसल राहत योजना के जरिए मदद करनी होगी।

फसल राहत के लिए बंद पोर्टल को भी चालू किया जाएगा। इस दौरान कृषि निदेशक निशा उरांव, पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्रीय टीम जल्द ही करेगी दौरा

मंत्री बादल ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति के आधार पर केंद्र को किसानों की मदद की मांग भेजी गयी है। इसमें विभिन्न कार्यों और जरूरतों के आधार पर 9139 करोड़ 80 लाख रुपये मुहैया कराने को कहा गया है। केंद्रीय टीम जल्द ही राज्य के विभिन्न स्थानों का दौरा करेगी। उनसे एनडीआरएफ के प्रावधानों के आधार पर राज्य के लिए मदद मांगी जाएगी। अब झारखंड के अनुरोध पर केंद्र क्या फैसला लेता है, यह देखना बाकी है।

ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिलेगा कर्जमाफी का लाभ

कृषि विभाग के पास अब तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 9 लाख किसानों में से 4 लाख किसानों के आवेदन केवाईसी के जरिए प्राप्त हुए हैं। करीब 2 लाख का ई-केवाईसी नहीं हो सका। ऐसे में डीसी को उन लोगों को कारण सहित सूचित करने को कहा गया है जिनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। जिनके आवेदन ई-केवाईसी के लिए पात्र हैं, उन्हें जल्द से जल्द संसाधित किया जाना चाहिए। बजट में पैसा सरकार के पास रखा जाता है। कर्जमाफी का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों को देना होगा।

एकल, विधवा महिलाओं और विकलांगों को मिलेगा 90 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी

हाल ही में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जिलों और प्रखंडों में शिविरों का आयोजन किया गया था। इसमें 18 जिलों से सीएम पशुधन योजना के लिए 34 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। इसे 10 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। सीएम पशुधन में सब्सिडी अब बढ़ाकर 75 फीसदी कर दी गयी है। इसमें एकल, विधवा महिलाओं और विकलांगों को 90 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी मिलेगी।

100 स्मार्ट गांव का होना है निर्माण

बादल ने 100 स्मार्ट गांवों के निर्माण में सभी जनप्रतिनिधियों और जिलों से सहयोग मांगा। कहा गया कि पहले भी सांसदों और विधायकों से स्मार्ट गांवों के चयन के लिए सिफारिशें मांगी गयी थीं। अब सिर्फ 39 गांवों के लिए सिफारिशें मिली हैं। शेष गांवों के लिए 15 दिसंबर तक अनुशंसा नहीं मिलने पर विभाग अपने स्तर से गांव का चयन करेगा। स्मार्ट विलेज में कृषि विभाग की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों का जमीनी फल देखने को मिलेगा। इससे अन्य गांवों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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विपणन बोर्ड को प्रभावी बनाने के सवाल पर बादल ने कहा कि पहले कुछ आपत्तियों के साथ प्रस्ताव राजभवन से वापस किए जाते थे। इसका समाधान किया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के तुरंत बाद इसे दोबारा राजभवन भेजा जाएगा।