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अधिवक्ताओं को सपरिवार स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा का लाभ देगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

राज्य में पहली बार ‘मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद’ कार्यक्रम आयोजित

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने घोषणा की कि जल्द ही राज्य सरकार सभी अधिवक्ताओं के दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा की योजना लाएगी। वकीलों को सपरिवार प्रति वर्ष बेहतर इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही कहा कि जितनी पेंशन की राशि वेलफेयर ट्रस्ट प्रदान करेगा उसके बराबर की राशि राज्य सरकार भी उस कोष में योगदान स्वरूप देगी।

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मुख्यमंत्री शनिवार को कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद’ कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे बार काउंसिल के सदस्य, एपीपी तथा अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में नए सिरे से सुसज्जित बार कॉम्पलेक्स का काम का भी जल्द प्रारंभ होगा। सभी कॉम्प्लेक्स लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, मीटिंग हॉल, महिलाओं के लिए जरूरी सुविधा आदि सहित सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने एकलव्य प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना एवं गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मॉडल स्कूल आदि का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए हम अनेक योजना ले कर आये हैं आप अधिवक्ता साथी भी इसका लाभ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा अधिवक्ता (संरक्षण) कानून अधिनियमित करने के लिए अनुरोध किया गया है। इस संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से पत्राचार कर यह जानने का प्रयास किया गया है कि आपके राज्य अंतर्गत अधिवक्ताओं के सुरक्षा के लिए प्रवृत्त एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के प्रावधान एवं उपबंधों किस रूप में हैं। अन्य राज्यों के आकलन के बाद अधिवक्ता (संरक्षण) कानून पर फैसला लिया जाएगा ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सच्चाई है कि राज्यभर के सक्रिय लगभग 30 हजार वकीलों में से दो- ढाई हजार वकीलों को छोड़ दें तो बाकी की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आज विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायालयों में और उसकी छोड़िए उच्च न्यायालय में भी आप अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्या आप अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी की सुविधा मिल पाती है, जहां आप कानून से संबंधित विषयों पर इत्मीनान से पढ़ सकें?

हेमन्त सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोर्ट फीस वृद्धि हम सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जुडिशल स्टांप जो 1995 में पांच रुपये का था उसे लगभग 27 सालों के बाद 20 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोर्ट फीस में कमी करने का कोई रास्ता निकलता है तो सरकार उस पर भी विचार करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि कोई भी निर्णय आम जनता के लिए पीड़ादायक न बने इसका सदैव ख्याल रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटरी अधिवक्ता के चयन के लिए शीघ्र ही विज्ञापन राज्य सरकार जारी करेगी। आप लोगों में से जो आवेदन करना चाहते हैं वे अवश्य आवेदन कीजिए। चयन के समय वैसा वर्ग जिनका प्रतिनिधित्व कम है उसे किस ढंग से प्राथमिकता दें इसका भी ख्याल रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहला ऐसा मौका है जब ‘मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान संवाद के तहत किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे जिलों में एक बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदी बंद हैं। क्योंकि, सही से विचार के लिए उन्हें समय नहीं मिल पा रहा है। अगर इन कैदियों की जाति की बात करें या आय की बात करें तो उनमें से ज्यादातर आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक हैं। कम संसाधन एवं कम आय वर्ग वाले समूह से हैं। छोटे-छोटे अपराध में वे वर्षों से जेल में बंद हैं। ऐसे कैदियों को भी वकील उपलब्ध कराया जा सके इस निमित्त हमारी सरकार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे अनुसार अधिवक्ताओं की भूमिका केवल वादों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। आप समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आप न्यायालय के माध्यम से लोगों के अधिकारों तथा स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे न्यायिक अधिकारियों, एपीपी, बार काउंसिल के सदस्य एवं अधिवक्ताओं को नव वर्ष की बधाई दी। महाधिवक्ता राजीव रंजन ने ‘मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद’ कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के प्रतिनिधि राम सुभाग सिंह, अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार धनबाद अमरेंद्र सहाय, जीपी गोड्डा अब्दुल कलाम आजाद एवं मेंबर बार काउंसिल तथा ट्रस्टी कमेटी डिस्ट्रिक्ट बार जमशेदपुर के अनिल तिवारी ने मुख्यमंत्री को अधिवक्ताओं की समस्याओं पर संवाद के जरिए ध्यान आकृष्ट कराया।

इस मौके पर पर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, महाधिवक्ता राजीव रंजन, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव विधि विभाग नलिन कुमार सहित राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे न्यायिक अधिकारियों, एपीपी, बार काउंसिल के सदस्य एवं अधिवक्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।