Breaking :
||लातेहार जिले के विकास के लिए किसी के पास कोई रोडमैप नहीं, अधिकारी भी नहीं रहना चाहते यहां: सुदेश महतो||झारखंड में अधिकारियों के तबादले में चुनाव आयोग के निर्देशों का नहीं हुआ पालन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिखा पत्र||पलामू: बाइक सवार अपराधियों ने व्यवसायी को मारी गोली, पत्नी ने गोतिया परिवार पर लगाया आरोप||पलामू: ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार इंटर के परीक्षार्थी की मौत||पलामू DAV के बच्चों की बस बिहार में पलटी, दर्जनों छात्र घायल||पलामू: पिछले 13 माह में सड़क दुर्घटना में 225 लोगों की मौत पर उपायुक्त ने जतायी चिंता||सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित||JSSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर विधानसभा गेट पर भाजपा विधायकों का प्रदर्शन||लातेहार: 10 लाख के इनामी JJMP जोनल कमांडर मनोहर और एरिया कमांडर दीपक ने किया सरेंडर||युवक ने थाने की हाजत में लगायी फां*सी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
Sunday, February 25, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरझारखंडरांची

हाईकोर्ट में 19 जनवरी को होगी नेतरहाट आवासीय विद्यालय नामांकन मामले की अंतिम सुनवाई

रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने गुरुवार को नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छठी कक्षा में चयनित बच्चों का स्वास्थ्य जांच के बाद नामांकन नहीं कराने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

सुनवाई के दौरान नेतरहाट स्कूल की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया। इस पर कोर्ट ने जल्द जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि निर्धारित की गयी है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने पैरवी की। मामले को लेकर सुमित राय समेत तीन अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

ज्ञात हो कि याचिकाकर्ता का नेतरहाट आवासीय विद्यालय में कक्षा छठी में नामांकन के लिए चयन किया गया है। नामांकन से पहले स्कूल ने रांची सदर अस्पताल में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। डॉक्टरों ने बताया कि इन बच्चों की उम्र 13 से 14 साल के बीच है। इस आधार पर स्कूल ने इन बच्चों को दाखिला देने से मना कर दिया। सरकार से प्राप्त जन्म प्रमाण पत्र में उसकी आयु 12 वर्ष से कम बतायी गयी है। याचिकाकर्ता ने नामांकन नहीं लेने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।