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Saturday, March 2, 2024
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ईडी ने मुख्य सचिव से पूछा, राज्य सरकार की ओर से पूजा सिंघल पर अब तक क्यों नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी

रांची : निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी तक एफआइआर दर्ज नहीं किये जाने को लेकर ईडी ने आश्चर्य व्यक्त किया है। ईडी की ओर से मुख्य सचिव को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि मनरेगा और मनी लॉड्रिंग मामले में ईडी द्वारा चार्जशीट दायर करने के इतने दिनों के बाद भी राज्य सरकार की ओर से पूजा सिंघल के खिलाफ एफआइआर दर्ज क्यों नहीं किया गया है।

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पत्र में कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग के केस में आरोपित पूजा सिंघल पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और अफसरों से उगाही के मामले में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई। पिछले साल दिसंबर में ईडी ने पूजा सिंघल के बारे में झारखंड सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी और प्राथमिकी दर्ज करने को कहा था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पत्र में कहा गया है कि पूजा सिंघल को उक्त अवधि के दौरान विभिन्न बैंकों में कई खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा करते हुए पाया गया था। वह अपने नाम से दो पैन नंबर यानी एआरजेडपीएस 2447 आर और एएमक्यूपीएस 9964 बी रख रही थी।

ईडी ने कहा है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि वह उन खातों में नकदी जमा करती थी और नकदी को डिमांड ड्राफ्ट में परिवर्तित करती थी। फिर लंबी अवधि के लिए बीमा पॉलिसियां खरीदती थी और पॉलिसी को समय से पहले बंद कर देती थी। आय का उपयोग कई निवेशों के लिए करती थी। पल्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का स्वामित्व उनके और उनके परिवार के पास है, इसमें कहा गया कि पूजा सिंघल और उनके पति इतनी बड़ी जमा राशि के स्रोत के बारे में नहीं बता सके थे।

गौरतलब है कि इस मामले में एफआइआर दर्ज करने को लेकर ईडी पहले भी मुख्य सचिव को पत्र लिख चुका है। इस कड़ी में यह दूसरी रिमाइंडर पत्र है।

ईडी ने मांगी वीरेंद्र राम के सर्विस रिकार्ड से संबंधित दस्तावेज

ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के ईडी के शिकंजे में आने के बाद ईडी ने पत्र लिख कर मुख्य सचिव और राज्य सरकार के कार्मिक विभाग से वीरेंद्र राम के सर्विस रिकार्ड से संबंधित जानकारी मांगी है। ईडी सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में वीरेंद्र राम द्वारा दिल्ली में संपत्ति खरीद में सेल कंपनियों का इस्तेमाल कर मनी लॉड्रिंग का सहारा लिया गया है और फर्जी दस्तावेज का भी इस्तेमाल किया गया है।

वीरेंद्र राम को शुक्रवार को बिरसा मुंडा कारागार से पूछताछ के लिए ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय लाया गया है। ईडी ने वीरेंद्र राम से पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड पर लिया है। ईडी की एक टीम शुक्रवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार पहुंची और वहां से वीरेंद्र राम को रिमांड पर लेकर क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची। ईडी कार्यालय पहुंचने पर सबसे पहले वीरेंद्र राम का मेडिकल जांच किया गया। मेडिकल जांच के बाद ईडी के अधिकारियों ने वीरेंद्र राम से पूछताछ शुरू की।

झारखंड मनी लॉन्ड्रिंग केस