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Thursday, May 30, 2024
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डॉ. कमलेश उरांव पर जानलेवा हमले के विरोध में झारखंड में कल से डॉक्टरों की हड़ताल, सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्य बहिष्कार

रांची : आईएमए झारखंड ने राज्य भर में डॉक्टरों की हड़ताल का ऐलान किया है। जमशेदपुर एमजीएम में डॉ कमलेश उरांव पर जानलेवा हमला मामले को लेकर यह कदम उठाया गया है। आईएमए ने कहा है कि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी तथा प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर शुक्रवार की सुबह छह बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे। बताया जाता है कि डॉ कमलेश उरांव की पसलियों में फ्रैक्चर है और उन्हें सांस की तकलीफ है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और झासा ने शुक्रवार को सुबह छह बजे से राज्य भर में चिकित्सा सेवा ठप करने का ऐलान किया है। हमलावरों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। आईएमए और झासा ने संयुक्त रूप से राज्य के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह और रिम्स निदेशक डॉ आरके गुप्ता को पत्र लिख कर कार्य बहिष्कार की सूचना दी है।

डॉक्टरों का आरोप है कि डॉ कमलेश उरांव पर हमले के लगभग तीन दिन बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन द्वारा अभी कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। उल्टे, डॉक्टरों को ही डराया धमकाया जा रहा है। इसलिए हमारे पास अब दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है।

आईएमए ने कहा है कि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। वहां डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ा दी जायेगी ताकि आम जनता को इमरजेंसी में तकलीफ ना हो।

आईएमए के सचिव डॉ प्रदीप सिंह ने कहा कि मारपीट का वीडियो फुटेज प्रशासन के पास भी है। दोषियों को चिन्हित किया गया है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों में आक्रोश है। हम मरीजों का अहित नहीं चाहते, लेकिन मरीजों की सेवा करने वाले चिकित्सकों के साथ मारपीट से मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि कार्य बहिष्कार के दौरान इमरजेंसी सेवा पर असर नहीं पड़ेगा।

मालूम हो कि शिशु रोग के डॉक्टर कमलेश उरांव पर एमजीएम जमशेदपुर में जानलेवा हमले के बाद से चिकित्सक कार्य बहिष्कार पर हैं। गुरुवार को भारी बारिश के बावजूद एमजीएम के चिकित्सकों ने दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। अस्पताल में इलाज के अभाव में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने डॉक्टरों के साथ बात करके आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया है। लेकिन डॉक्टरों की मांग है कि हमलावरों को गिरफ्तार किया जाये।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर झारखंड के डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ अविरल माथुर, उपाध्यक्ष डॉ अनुज अग्रवाल तथा महासचिव डॉ सर्वेश पांडेय ने देश भर के डॉक्टरों से अपील की है कि झारखंड का साथ दें।

Doctors strike in Jharkhand