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Sunday, February 25, 2024
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झारखंड: DGP ने अधिकारियों के साथ की बैठक, अवैध माइनिंग और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के निर्देश

संगठित आपराधिक गिरोहों पर कार्रवाई व साइबर अपराध पर लगाम लगायें अधिकारी : डीजीपी

रांची : डीजीपी अजय कुमार सिंह ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्थिति में अवैध माइनिंग पर रोक लगे। उन्होंने राज्य में बढ़ते मादक पदार्थों के बाजार को नियंत्रित करने की बात कही। उन्होंने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

डीजीपी ने बैठक में राज्य में लंबित वारंट , कुर्की के त्वरित निष्पादन करते हुये अपराध नियंत्रण के लिए संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा संगठित आपराधिक गिरोह के फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने एवं उसपर अपराध नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

डीजीपी ने कहा कि लंबित कांडों एवं राज्य में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध में त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डायन प्रथा जैसे कुरीतियों को दूर करने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरुकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने सर्टिफिकेट केस में निर्गत वारंट का तामिला करने, राज्य में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापामारी करने तथा एनडीपीएसएक्ट के तहत प्रतिवेदित कांडों की संख्या, अफीम की खेती को नष्ट करने एवं तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में भी जानकारी ली।

डीजीपी ने राज्य में आने वाले पर्व त्योहार एवं श्रावणी मेला को देखते हुए विधि-व्यवस्था के संधारण में आ रही कठिनाईयों एवं उसके निराकरण को लेकर चर्चा की। साथ ही पूर्व में घटित सांप्रादायिक घटनाओं से संबंधित दर्ज कांडों की भी समीक्षा भी की। साथ ही विधि-व्यवस्था संधारण के लिए निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर अफवाह, भड़काऊ भाषण एवं झूठी सूचना नहीं फैलाई जा सके।

बैठक के दौरान डीजीपी की ओर से साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए चर्चा की गयी। इसमें डायल- 1930 को सुदृढ करने तथा उस पर आने वाले कॉल पर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि अभी तक डायल- 1930 पर स-समय सूचना प्राप्त होने पर कुल चार करोड़ आठ लाख सत्तासी हजार रुपयों को फ्रिज कराते हुए साइबर अपराधियों से सुरक्षित बचा लिया गया है।

बैठक में सीआईडी डीजी अनुराग गुप्ता, एडीजी मुरारी लाल मीणा, एडीजी संजय आनन्द लाठकर, एडीजी टी कंडासामी, आईजी अखिलेश झा, आईजी प्रभात कुमार आईजी असीम विक्रांत मिंज , एटीएस एसपी एसके झा, एसएसपी किशोर कौशल, ग्रामीण एसपी नौशाद आलम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।