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चतरा: बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर की ससुर की हत्या, प्यार की राह में बन रहा था रोड़ा

चतरा : छोटी बहू रिंकी देवी की प्रेमलीला में ससुर छकौड़ी यादव रोड़ा बने हुए थे। इश्क परवान नहीं चढ़ने देना चाहते थे। फिर क्या था पतोहू रिंकी देवी ने अपने प्रेमी अनिल कुमार के साथ मिलकर ससुर को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। एक रात घर लौटते समय प्रेमी अनिल कुमार ने छकौड़ी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। इधर, बहू रिंकी देवी सुसर की हत्या के बाद आंसू बहाती रही। लेकिन नाटक का महज 24 घंटे में ही अंत हो गया। पुलिस ने हत्या के महज 24 घंटे के भीतर ही हत्याकांड का उद्भेदन कर दिया। हत्यारोपित पतोहू रिंकी और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस हत्या में इस्तेमाल कट्टा भी बरामद कर लिया है।

मालूम हो कि छकौड़ी यादव की हत्या शनिवार की रात हुई थी। छकौड़ी यादव चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र के हुसिया गांव के रहने वाले थे। तीन सितंबर की रात वह निकटवर्ती गांव से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान छोटे पुत्र जितेंद्र यादव की पत्नी रिंकी देवी और उसके प्रेमी अनिल कुमार ने मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। मंगलवार को चतरा सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार इस पूरे मामले की जानकारी दी।

एसडीपीओ ने बताया कि घटना को लेकर मृतक की पत्नी सुदामा देवी ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कांड के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर एक एसआइटी का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय केदारनाथ राम एवं सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार कर रहे थे। कांड उद्भेदन के क्रम में अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर पांच सितंबर की शाम चार बजे हुसिया गांव अंतर्गत अंबाही तालाब से घटना में प्रयुक्त कट्टा बरामद किया गया।

एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि पूछताछ के क्रम में पता चला कि मृतक की छोटी पतोहू के साथ अनिल कुमार का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस दोनों के इश्क के बारे में ससुर छकौड़ी यादव को सबकुछ पता था। उन्हें इस अवैध संबंध की भनक लग गई थी। वह इन दोनों के बीच बाधक बन रहे थे। उन्हें रास्ते से हटाने के लिए बहू रिंकी देवी ने अपने प्रेमी अनिल कुमार के साथ साजिश रची। इसके बाद अनिल कुमार ने छकौड़ी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या की सूचना जब घर-परिवार को मिली तो बहू रिंकी देवी फूट-फूटकर रोई। उसने इतना रोया कि मानों उसे ही सबसे ज्यादा दुख हुआ है। वजह साफ थी कि किसी को उस पर शक नहीं हो।

एसडीपीओ अविनाश कुमार के अनुसार, इस हत्याकांड का खुलासा करना चुनौती भरा जरूर था, लेकिन जांच टीम ने वैज्ञानिक तरीके से छानबीन की। इसलिए आराेपित पकड़े गए। विशेष टीम में मयूरहंड थाना प्रभारी रामवृक्ष राम, पुलिस अवर निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह, श्रीराम कुमार पंडित, सहायक अवर निरीक्षक पंकज कुमार आदि शामिल थे।