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Thursday, June 13, 2024
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ग्रामीण क्षेत्रों में खोलें अधिक से अधिक प्रज्ञा केंद्र, लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए नहीं लगाना पड़े प्रखंड कार्यालय का चक्कर : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने की पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में प्रज्ञा केंद्र स्थापित करना सुनिश्चित करें। सभी गांवों में प्रज्ञा केंद्र संचालित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इस सोच के साथ प्रज्ञा केंद्रों को पूर्णरूपेण कार्यरत करें। आम जनता को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, नया आधार कार्ड बनाना तथा आधार कार्ड में भूल सुधार आदि कार्य उनके निकटतम प्रज्ञा केंद्र में ही ससमय उपलब्ध कराया जा सके इस लक्ष्य के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले तीन महीने के अंदर राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्रों में बिजली, पानी, जनरेटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं सिक्योरिटी सहित अन्य जरूरी सुविधा हर हाल में उपलब्ध कराई जाए। सभी प्रज्ञा केंद्रों के कार्यप्रणाली में सुधार हो यह सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर की उपयोगिता सत प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर कार्यरत रहेगा तभी सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों में बैंक से संबंधित कार्य एवं पोस्ट ऑफिस से संबंधित कार्यों की सुविधा भी सुनिश्चित कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी पंचायत भवनों में प्रज्ञा केंद्र स्थापित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में लगभग 20 हजार प्रज्ञा केंद्र कार्यरत है। आने वाले दिनों में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 35 हजार तक करने का कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में कार्यरत सखी मंडल की महिलाएं भी प्रज्ञा केंद्र संचालित कर सकें इस निमित्त एक बेहतर कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डिजिटलाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रज्ञा केंद्रों के बेहतर संचालन से ही डिजिटलाइजेशन की सोच को साकार किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि पंचायतों को सशक्त करने के संकल्प के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करें। पंचायती राज विभाग 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग भी सुनिश्चित करे। योजनाओं को पूर्ण करने निमित्त 15वें वित्त आयोग से बैकअप सपोर्ट लें। पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का ससमय ऑडिट करने का कार्य भी सुनिश्चित की जाए।

कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख़्यमंत्री ने दिये निर्देश

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जाति-जनजाति अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की शुक्रवार को समीक्षा की। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने दिए कई निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, छात्रवृत्ति योजना, एकलव्य मॉडल स्कूल, आवासीय विद्यालय, आश्रम स्कूल और पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए आवासीय विद्यालय के संचालन से जुड़ी जानकारी ली ।

मुख्यमंत्री का निर्देश

प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि जल्द से जल्द दी जाए। विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 146 करोड़ रुपये में से लाभुकों के बीच 104 करोड़ रुपये किए जा चुके हैं वितरित।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति से जुड़ी कुछ समस्याओं की जानकारी मुझे मिली है। सुनिश्चित करें कि बच्चों को कोई भी समस्या न हो।

मुख़्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत लाभुकों को मदद, उनकी मॉनिटरिंग करने का भी काम करें।

जहां-जहां आवेदनकर्ताओं को सीएमईजीपी योजना अंतर्गत लाभ नहीं मिला है, वहां उन्हें योजना से शीघ्र जोड़ना सुनिश्चित करें।