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सीएम हेमंत सोरेन की नहीं होगी गिरफ्तारी, ईडी के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं

सीएम हेमंत सोरेन से दोबारा पूछताछ की तैयारी में ईडी

रांची: संथाल परगना इलाके में अवैध खनन के मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी कर रही है। ईडी ने जांच के क्रम में एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर उन्हें जेल भेज दिया है। ईडी ने एक बार राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ की थी और उनका पक्ष लिया था।

ईडी सूत्रों की माने तो आने वाली 7 दिसंबर को एक बार फिर मुख्यमंत्री से जानकारी लेने वाली है। ईडी ने उनसे उनकी चल संपत्ति का ब्योरा मांगा है, जो ईडी को सौंपी जानी है। सूत्रों की माने तो ईडी को अभी तक इस अवैध उत्खनन से मुख्यमंत्री का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। ताकि ईडी उन्हें गिरफ्तार कर सके।

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सूत्रों और कानून के जानकारों का कहना है कि ईडी ने पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों से जानकारी हासिल की है, उसमें भी उसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ पुख्ता जानकारी या दस्तावेज नहीं मिल पाये हैं, जिससे वह उन्हें हिरासत में ले सके।

सूत्र का कहना है कि जब तक ईडी के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं आता तब तक ईडी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पायेगी। ईडी ने पहले चरण की जांच में गिरफ्तार आरोपियों से सीएम के संबंध और अवैध खनन में अधिकारियों द्वारा दी गयी जानकारी के बारे में पूछताछ की थी। इस संबंध में सीएम ने अपनी बात रखी थी।

जिला पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी की कार्य प्रणाली को भी सीएम ने स्पष्ट रूप से बताया। उसने ईडी को इस अवैध खनन के मास्टर माइंड माने जाने वाले पंकज मिश्रा से अपने संबंधों की जानकारी भी दी थी। उनके विधायक प्रतिनिधि के तौर पर पंकज मिश्रा काम कर रहे थे। जो बैंक चेक बुक और दस्तावेज मिले हैं, वे चुनाव के दौरान चुनावी खर्च के थे। सीएम हेमंत सोरेन ने अवैध खनन में किसी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया था। सूत्र का कहना है कि ईडी को सीएम हेमंत सोरेन के अवैध खनन में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।

ईडी इस मामले में सावधानी से कदम उठा रही है। मामला हाईप्रोफाइल है और जरा सी चूक भी ईडी की जांच पर सवालिया निशान खड़ा कर सकती है। ईडी सीएम हेमंत सोरेन से दूसरे चरण की पूछताछ में उनके आय व्यय से चल अचल संपत्ति के ब्यौरे का मिलान किया जायेगा।

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अवैध खनन मामले में खान विभाग के आला अधिकारी भी ईडी के राडार पर हैं। संभावना है कि जल्द ही सभी अधिकारियों से पूछताछ की जायेगी। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किस अज्ञात शक्ति के मौखिक आदेश पर संथाल में एक हजार करोड़ से अधिक की खनिज संपदा को खनन माफिया ने गायब कर दिया।