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Monday, May 20, 2024
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बाबूलाल मरांडी पर अमर्यादित टिप्पणी पर भड़का भाजयुमो, कहा- ऊर्जा संचरण निगम के भ्रष्ट एमडी केके वर्मा को पदमुक्त करें मुख्यमंत्री

रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के एमडी की अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निन्दा करते हुए भाजपा युवा मोर्चा ने उनके खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री से ऊर्जा संचरण निगम के भ्रष्ट एमडी केके वर्मा को पदमुक्त करने की अपील की।

भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी ने शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड प्रदेश में चल रही वर्तमान सरकार के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी प्रवक्ता बन बैठे हैं। आज जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी प्रदेश के मुख्यमंत्री सह ऊर्जा मंत्री को उर्जा विभाग में चल रहे टेंडर घोटाला की ओर ध्यान आकृष्ट कर जांच कराने के लिए पत्र लिखते हैं तो दूसरी ओर ऊर्जा संचरण निगम के भ्रष्टतम एमडी केके वर्मा झारखंड मुक्ति मोर्चा के नए प्रवक्ता बन बैठते हैं और अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए अमर्यादित बयान देते हैं। केके वर्मा सेवानिवृत अधिकारी होने के बाद भी सेवा विस्तार लेकर संचरण निगम के एमडी हैं लेकिन हेमंत सोरेन की वसूली कंपनी के एमडी बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बिना झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग के अनुमोदन के निविदा निकली जा रही हैं, कार्य का आवंटन हो रहा हैं। जो पावर परचेज एग्रीमेंट का पत्र लगाया है उसका अप्रूवल एक अलग प्रक्रिया हैं। पावर परचेज एग्रीमेंट का मतलब है कि उस प्लांट से जो बिजली का उत्पादन होगा उसमें झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का हिस्सा पीपीए के अनुसार होगा। जैसे कि एनटीपीसी के द्वारा जो पॉवर प्लांट नार्थ कर्णपुरा में लगाया गया है, उसमें 25 प्रतिशत बिजली जेबीवीएनएल के पीपीए में है। इसका मतलब ये नहीं हैं कि झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड इवैक्यूएशन सिस्टम बनायेगा।

उन्होंने कहा कि यह योजना जब बनी थी उस समय यह उम्मीद की गयी थी कि 2021-2022 में 5630 मेगावाट बिजली की जरूरत जेबीवीएनएल को होगा लेकिन वर्तमान में मैक्सिमम लोड 2600 मेगावाट ही है। इसलिए सिर्फ़ पीपीए का मतलब यह नहीं है कि उसके लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। पॉवर इवैक्यूएशन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जिम्मेदारी पॉवर प्लांट की होती है, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड की नहीं।

Jharkhand BJYM News Today