Breaking :
||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी||लातेहार: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी ने रामनवमी जुलूस निकालने वाले मार्गों का किया निरीक्षण||पलामू: तेज रफ़्तार कार और बाइक की टक्कर में युवक की मौत||लातेहार: बारियातू में पेड़ से लटका मिला महिला का शव, जांच में जुटी पुलिस||गुमला में TSPC के चार उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार और जिंदा कारतूस समेत अन्य सामान बरामद||चतरा: नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, दो सिलेंडर बम बरामद||मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की जमानत याचिका खारिज, पत्नी व पिता को भी नहीं मिली राहत||नहाय खाय के साथ सूर्योपासना का चार दिवसीय चैती छठ महापर्व शुरू||लातेहार: चुनाव प्रशिक्षण में अनुपस्थित 56 मतदान कर्मियों को मिला आखिरी मौका, उपस्थित नहीं हुए तो होगी कार्रवाई
Sunday, April 14, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरचतराझारखंड

मंत्री सत्यानंद भोक्ता का बड़ा ऐलान, झारखंड होगा सूखाग्रस्त घोषित..

विधानसभा सत्र में हेमंत सरकार कर सकती है घोषणा

चतरा : झारखंड सरकार के श्रम, योजना एवं प्रशिक्षण सह कौशल विकास मंत्री सत्यानंद भोगता ने कहा है कि झारखंड में बारिश से स्थिति भयावह है। बारिश नहीं होने के कारण पूरा राज्य इस समय सूखे की चपेट में है। हेमंत सोरेन सरकार ने सूखे से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। मंत्री सत्यानंद भोगता ने मंगलवार को चतरा में पत्रकारों से बातचीत में उक्त बातें कहीं।

मंत्री ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए तैयार है। किसानों को पलायन नहीं करने दिया जाएगा। झारखंड के किसान बारिश की मदद से साल में एक बार ही धान की खेती कर पाते हैं। यही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। इस बार बारिश नहीं होने के कारण धान की खेती नहीं हो पा रही है। इसको लेकर किसान काफी परेशान हैं। इस समस्या को लेकर हेमंत सोरेन सरकार भी चिंतित है। सरकार किसानों की परेशानी समझ रही है। इसलिए सरकार जल्द ही झारखंड को सूखाग्रस्त राज्य घोषित करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान कर रही है. मौजूदा हालात में सबसे बड़ी चुनौती सूखे से निपटना है। वैसे पूरे राज्य में सामान्य से कम बारिश हो रही है। लेकिन उत्तरी छोटानागपुर और पलामू प्रमंडल में स्थिति सबसे खराब है। मंत्री ने कहा कि मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। विधानसभा के इस सत्र में सरकार किसानों के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है।