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रिम्स में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही एसिड अटैक पीड़िता काजल, बात करने से मना करने पर सिरफिरे आशिक ने फेंका था तेज़ाब

एसिड पीड़िता से मिलने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पहुंचे रिम्स

रांची : एसिड अटैक पीड़ित छात्रा काजल रिम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इसी बीच मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता रिम्स पहुंचे और डॉक्टर को निर्देश दिया कि वह हर 12 घंटे में उसके स्वास्थ्य की जानकारी दें। रिम्स के अधीक्षक डॉ हिरेंद्र बिरुवा ने बताया कि मेडिकल बोर्ड पीड़िता का इलाज कर रहा है और जरूरत पड़ने पर उसे एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजा जा सकता है।

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बन्ना गुप्ता ने कहा कि जिसने भी ऐसी घटना की है, भगवान उसे कभी माफ नहीं करेगा और सरकार उसे फांसी पर चढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि जिस गर्भ से अपराधी का जन्म हुआ है, उसे भी उन्होंने शर्मसार कर दिया है। ऐसे अपराधी को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

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स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया है कि नेत्र शल्य चिकित्सा और प्लास्टिक सर्जन संयुक्त रूप से एसिड अटैक पीड़िता का इलाज करेंगे और जहां जरूरत होगी, सरकार द्वारा उनकी पूरी मदद की जाएगी।

उन्होंने साफ कहा है कि डॉक्टरों को इसके इलाज में कहीं भी संकोच नहीं करना चाहिए और अगर उन्हें लगता है कि बेहतर इलाज हो सकता है तो उन्हें मेडिकल बोर्ड के नियमानुसार हायर सेंटर रेफर कर दें। इसके इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि इससे पहले वह दुमका की बेटी अंकिता को नहीं बचा सके, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी और उनके इलाज में कोई ध्यान नहीं दिया गया।

आपको बता दें कि बात करने से मना करने पर एक सिरफिरे आशिक ने छात्रा काजल (17) और उसकी मां पर तेजाब फेंक दिया था। 50 फीसदी तक झुलसी काजल की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका रांची के रिम्स में इलाज चल रहा है।

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मां का कहना है कि अगर बच्ची का समय रहते बेहतर इलाज हो जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। 4 अगस्त को हंटरगंज के ढेबू गांव में संदीप भारती ने बच्ची और उसकी मां पर तेजाब फेंक दिया। उस समय वह घर में सो रही थी। आरोपी ने घर में घुसकर सीधे तेजाब की बोतल निकाल कर दोनों पर फेंक दी।