Breaking :
||गुमला में लूटपाट करने आये चार अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार||रांची में वाहन चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद||लोहरदगा में धारदार हथियार से गला रेतकर महिला की हत्या||पलामू समेत झारखंड के इन चार लोकसभा सीटों के लिए 18 से शुरू होगा नामांकन, प्रत्याशी गर्मी की तपिश में बहा रहे पसीना||रामनवमी के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले आपत्तिजनक पोस्ट पर झारखंड पुलिस की पैनी नजर, गाइडलाइन जारी||झारखंड: प्रचार करने पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा का विरोध, भाजपा और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प||झारखंड में 20 अप्रैल को जारी होगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट||कुर्मी को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग से आदिवासी समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी||लातेहार: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीसी ने रामनवमी जुलूस निकालने वाले मार्गों का किया निरीक्षण||पलामू: तेज रफ़्तार कार और बाइक की टक्कर में युवक की मौत
Monday, April 15, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरझारखंडरांची

झारखंड के विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 28 कैदी होंगे रिहा

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 29वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 41 कैदियों के रिहाई से संबंधित समीक्षा की गयी। बैठक में 28 कैदियों को रिहा करने पर सहमति बनी। समीक्षा के क्रम में अदालतों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक और प्रोबेशन पदाधिकारी के मंतव्य पर गहन विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य के विभिन्न जेलों में आजीवन सजा काट रहे 28 कैदियों को रिहा करने पर स्वीकृति दी गयी।

रिहा होने वाले कैदियों का सामाजिक पुनर्वास हो, यह सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री

बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में जिन कैदियों की रिहाई सुनिश्चित की गयी है, उनका सामाजिक पुनर्वास आवश्यक है। संबंधित विभाग के अधिकारी एक बेहतर कार्य योजना बनाकर इन कैदियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम करें। जेल से रिहा होने के बाद ऐसे कैदियों की गतिविधियों की निरंतर ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निदेशित किया कि समय-समय पर इन कैदियों की काउंसलिंग भी की जाये। जेल से निकलने के बाद इन कैदियों के जीवनयापन में सामाजिक रूप से कोई बाधा न पहुंचे तथा आर्थिक समस्या उत्पन्न न हो इस निमित्त इन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य भी आवश्यक रूप से की जाये।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग अविनाश कुमार, पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना दादेल, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी विधि (न्याय) विभाग नलिन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, न्यायायिक आयुक्त अरुण कुमार राय, कारा महानिरीक्षक उमा शंकर सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।