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25 लाख के इनामी माओवादी नवीन यादव ने किया आत्मसमर्पण, 100 से अधिक बड़े नक्सली हमलों में रहा है शामिल

नवीन यादव नक्सली आत्मसमर्पण

2011 में लातेहार के गारू में इंदर सिंह नामधारी के काफिले पर हुए हमले में भी था शामिल

रांची : चतरा-पलामू के बॉर्डर मनातू के चक इलाके में बुधवार को 25 लाख के इनामी नवीन उर्फ सर्वजीत यादव ने पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह चतरा जिले के प्रतापपुर इलाके का रहने वाला है। पुलिस को काफी लंबे समय से इसकी तलाश थी।

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नवीन यादव झारखंड-बिहार में हुए 60 से अधिक बड़े नक्सली हमले में शामिल था। इसके खिलाफ दोनों राज्यों के कई थानों में 100 से भी अधिक मामले हैं। पहले सरकार ने नवीन पर 15 लाख का इनाम रखा था लेकिन फिर बाद में उसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया। जनवरी 2019 में नवीन यादव की पलामू के रेड़मा में 18.5 एकड़ और चतरा के प्रतापपुर में 12.78 एकड़ जमीन भी जब्त की गयी थी।

नवीन नक्सलियों के गढ़ बूढ़ा पहाड़ और छकरबंधा के इलाके में सक्रिय था। बताया जा रहा है कि बूढ़ा पहाड़ इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन ऑक्टोपस से घबरा कर वह उस इलाके से भाग निकला था। वर्तमान में चतरा व पलामू के बॉर्डर इलाके में सक्रिय था। 2 दिन पहले चतरा के कुंदा इलाके में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में भी नवीन यादव शामिल था, जहां से बच कर निकल भागा था। सुरक्षाबलों की बढ़ती दबिश से घबरा कर उसने आत्मसमर्पण कर दिया।

नवीन यादव बूढ़ा पहाड़ के इलाके में संदीप यादव और विमल यादव के बाद तीसरा सबसे बड़ा माओवादी चेहरा था। जून 2016 में औरंगाबाद गया सीमा पर बड़ा नक्सल हमला हुआ था। इसमें 10 कोबरा के जवान शाहिद हुए थे। इस हमले में माओवादियों का नेतृत्व नवीन यादव ही कर रहा था।

साल 2011 में लातेहार के गारू में झारखंड के पहले विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी के काफिले पर हमला हुआ था। इस हमले में 11 जवान शहीद हुए थे। साल 2012 में माओवादियों ने गढ़वा के भंडरिया के इलाके में पुलिस पर हमला किया था। उस हमले में थाना प्रभारी समेत 12 जवान शहीद हुए थे। इन दोनों हमले में माओवादियों का नेतृत्व नवीन यादव ही कर रहा था।

नवीन यादव नक्सली आत्मसमर्पण