Breaking :
||बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री||आर्थिक तंगी के कारण कोई भी छात्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से न रहे वंचित: मुख्यमंत्री||झारखंड में मानसून की आहट, भारी बारिश का अलर्ट जारी||बड़गाईं जमीन घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, जमीन कारोबारी के ठिकाने से एक करोड़ कैश और गोलियां बरामद||पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सेक्शन अधिकारी समेत दो रिश्वत लेते गिरफ्तार||सतबरवा में कपड़ा व्यवसायी के बेटे और बेटी के अपहरण का प्रयास विफल, लातेहार की ओर से आये थे अपहरणकर्ता||लातेहार: एनडीपीएस एक्ट के दोषी को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना||लातेहार सिविल कोर्ट में आपसी सहमति से प्रेमी युगल ने रचायी शादी||लातेहार: किड्जी प्री स्कूल के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास||किसानों की समृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : मुख्यमंत्री
Saturday, June 22, 2024
BIG BREAKING - बड़ी खबरझारखंडरांची

झारखंड: जेनेरिक दवा खरीद में 200 करोड़ का घोटाला, सरयू राय ने की CBI जांच की मांग

झारखंड जेनेरिक दवा घोटाला

रांची : जमशेदपुर विधायक सरयू ने आरोप लगाया है कि झारखंड में जेनेरिक दवाओं की खरीद में करीब 200 करोड़ का घोटाला हुआ है। गुरुवार को उन्होंने सीबीआई के आईजी से रांची स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की और सीबीआई निदेशक को एक ज्ञापन सौंपा।

झारखण्ड की ताज़ा ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में जेनेरिक दवाओं की खरीद में 150 से 200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। यह घोटाला भारत सरकार की दवा निर्माता कंपनियों और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की सांठगांठ के कारण हुआ है। वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की थोक खरीद के लिए खुली निविदा निकाली थी। विभाग ने न्यूनतम दर वाले आपूर्तिकर्ता को सूचित किया कि वे निर्धारित दरों पर दवाओं की आपूर्ति के लिए विभाग से अनुबंध कर अतिशीघ्र दवाओं की आपूर्ति करें।

इस बीच भारत सरकार की दवा बनाने वाली कंपनियों ने स्वास्थ्य मंत्री को प्रभावित किया कि विभाग उनसे दवा खरीदे। मंत्री ने टेंडर से निर्धारित न्यूनतम दर पर दवा खरीदने के बजाय विभाग में ज्ञापन बनवाया कि भारत सरकार की पांच दवा निर्माता कंपनियों से निर्धारित दर पर दवा खरीदी जाये। इस ज्ञापन को मंत्रिपरिषद को भेजकर स्वीकृति ली और टेंडर रेट से तीन से चार गुना अधिक दर पर दवा खरीदी। इन कंपनियों को फायदा पहुंचाया, जिससे सरकारी खजाने को 150 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ।

विधायक सरयू राय ने सीबीआई निदेशक से मांग की है कि स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड सरकार की मिलीभगत से भारत सरकार की दवा कंपनियों की संलिप्तता और सरकारी धन के गबन की भूमिका की जांच करायी जाये।

झारखंड जेनेरिक दवा घोटाला